
अखिलेश यादव पर मंत्रियों का तीखा हमला, अनिल राजभर बोले- सपा के कहने से आरक्षण खत्म नहीं होगा
पदोन्नति में आरक्षण बिल फाड़ने वालों को जनता नहीं भूली- मनोज पांडेय
2024 में संविधान और आरक्षण को लेकर विपक्ष ने फैलाया भ्रम, अब जनता नहीं होगी गुमराह
लखनऊ
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव पर योगी सरकार के मंत्रियों ने तीखा हमला बोला है। श्रम एवं सेवायोजन, समन्वय विभाग के मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव के कहने से आरक्षण खत्म नहीं हो सकता है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने आरक्षण की व्यवस्था दी है। इस बात को देश और उत्तर प्रदेश की जनता जानती है। जनता समाजवादी पार्टी के असली चेहरे को पहचान चुकी है। वहीं मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण बिल फाड़ने वालों को जनता भूली नहीं है। सत्ता हासिल करने के लिए विपक्ष को देश की जनता के सामने झूठ और असत्य परोसने से बाज आना चाहिए।
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण का विषय जब संसद में आया था, तब बिल फाड़ने का काम किसने किया, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पिछड़े, अति-पिछड़े और दलित वर्ग के लोगों ने समाजवादी पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया। 10 साल से सत्ता से बाहर होने की वजह से छटपटा रहे हैं। इसीलिए आज आरक्षण की बात कर रहे हैं।
पिछड़ों के आरक्षण की सारी मलाई खा गए
अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी चार बार सत्ता में रही, लेकिन आप (अखिलेश यादव) पिछड़े वर्ग के आरक्षण की सारी मलाई खा गए। साथ ही अखिलेश यादव पर राजभर, निषाद, केवट, मल्लाह, साहनी, बिंद, ब्यार, प्रजापति, विश्वकर्मा, कुशवाहा, सैनी, मौर्य, पटेल और जाट समेत तमाम पिछड़ी जातियों के भी आरक्षण की मलाई खाने का आरोप लगाया।
कान खोलकर सुन लें, आरक्षण खत्म नहीं होगा
मंत्री ने कहा कि चार बार की सरकार में पिछड़ी जातियों के आरक्षण को लूटकर सिर्फ अपने समाज को लाभ देने का काम किया है। जिसे पूरा उत्तर प्रदेश देखा और समझ चुका है। इसलिए कान खोलकर सुन लें, समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के कहने से आरक्षण खत्म होने वाला नहीं है।
मंत्री मनोज पांडेय ने सपा अध्यक्ष पर साधा निशाना
मंत्री मनोज पांडेय ने आरक्षण, संविधान और परिवारवाद के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की जनता की याददाश्त इतनी कमजोर नहीं है कि वह यह भूल जाए कि पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े बिल को किन राजनीतिक दलों के सांसदों ने फाड़ने का काम किया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी विपक्ष ने संविधान और आरक्षण को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया था, लेकिन अब देश की जनता इन बातों को समझ चुकी है।
मंत्री ने कहा कि अगर किसी ने संविधान और आरक्षण का सम्मान किया है तो वह भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। देश और उत्तर प्रदेश की जनता अच्छी तरह जानती है कि प्रदेश में आरक्षण का सबसे अधिक नुकसान किसने किया। उन्होंने वर्ष 1995 में पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके इतिहास को देखने से स्पष्ट हो जाएगा कि किसने पिछड़ों और दलितों के अधिकारों को छीनने का काम किया।



