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MP नगरीय निकायों में 357 इंजीनियरों की भर्ती, केंद्र की एजेंसी कराएगी परीक्षा

भोपाल

मध्य प्रदेश के नगर निगमों और नगर पालिकाओं में इंजीनियरों के 357 खाली पद जल्द भरे जाएंगे। अगले महीने से इनकी सीधी भर्ती शुरू होगी। इस बार परीक्षा मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल नहीं कराएगा। यह जिम्मेदारी केंद्र सरकार की कंपनी Ed-CIL को दी गई है।

Ed-CIL क्यों चुनी गई
नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने कानूनी अड़चनों से बचने के लिए यह फैसला लिया है। विभाग चाहता है कि भर्ती जल्दी और बिना विवाद के पूरी हो। इसके लिए 19 अगस्त 2026 को आदेश जारी हुआ। भर्ती की निगरानी के लिए दो अलग कमेटियां भी बनाई गई हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने भर्ती प्रक्रिया में कानूनी अड़चन से बचने और इसे तेजी से पूरा करने के लिए Ed-CIL को परीक्षा एजेंसी चुना है। विभाग ने 19 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर भर्ती संचालन और तकनीकी निगरानी के लिए दो कमेटियां भी गठित की हैं।

नगरीय प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे ने इस फैसले की वजह बताई। उनका कहना है कि विभाग के पास दो साल तक इंतजार करने का समय नहीं है। इसी वजह से केंद्रीय एजेंसी को चुना गया है।

पुराना भर्ती विवाद क्या था
चार साल पहले सहायक नगर निवेशक और सहायक अतिक्रमण निरोधक अधिकारी पदों की परीक्षा ESB ने कराई थी। अलग-अलग पदों के लिए संयुक्त परीक्षा हुई लेकिन मेरिट लिस्ट अलग बनी।

सहायक नगर निवेशक पद की मेरिट लिस्ट बिना डिग्री-डिप्लोमा सत्यापन के जारी हो गई। इससे कई अपात्र उम्मीदवारों के नाम भी सूची में आ गए। 

मामला हाईकोर्ट पहुंचा और भर्ती प्रक्रिया रुक गई।
मेरिट लिस्ट की वैधता सिर्फ एक साल थी। इससे समस्या और बड़ी हो गई। अब कोर्ट ने सभी 7 हजार 205 उम्मीदवारों के दस्तावेज दोबारा जांचने के निर्देश दिए हैं। इसी विवाद के बाद विभाग ने इस बार Ed-CIL को चुना।

Ed-CIL का अनुभव कैसा है
बता दें कि Ed-CIL शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाली मिनी रत्न कैटेगरी-1 कंपनी (CPSE – Central Public Sector Enterprise) है। यह कंपनी पहले भी मध्य प्रदेश में परीक्षा करा चुकी है।

फरवरी 2023 में इसने राज्य की छह बिजली कंपनियों के 453 पदों के लिए परीक्षा कराई थी। इसके अलावा ओडिशा में 20 हजार शिक्षकों की भर्ती और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी इसका अनुभव है।

ESB को क्यों किया बाहर? 4 साल पुराने विवाद के बाद बदली परीक्षा एजेंसी
मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, चार साल पहले सहायक नगर निवेशक और सहायक अतिक्रमण निरोधक अधिकारी पदों की भर्ती परीक्षा ESB ने कराई थी। अलग-अलग पदों के लिए संयुक्त परीक्षा और रिजल्ट जारी किया गया, लेकिन मेरिट लिस्ट अलग-अलग बनाई गई।

सहायक नगर निवेशक पद के लिए डिग्री-डिप्लोमा का सत्यापन किए बिना मेरिट लिस्ट जारी होने से उसमें अपात्र उम्मीदवारों के नाम भी शामिल हो गए। मामला हाईकोर्ट पहुंचा और भर्ती प्रक्रिया अटक गई। मेरिट लिस्ट की वैधता एक साल होने से समस्या और बढ़ी।

अब कोर्ट ने परीक्षा में शामिल सभी 7,205 उम्मीदवारों के डिग्री-डिप्लोमा के सत्यापन के निर्देश दिए हैं। विभाग ने इसी विवाद के बाद इस बार परीक्षा के लिए Ed-CIL को चुना है। हालांकि, अफसरों का इस फैसले के पीछे अलग ही तर्क है।

कौन है Ed-CIL और क्या है उसका अनुभव?
Ed-CIL (एजुकेशनल कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड) केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन 'मिनी रत्न कैटेगरी-1' की केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी (CPSE) है। मध्य प्रदेश में यह कंपनी पहले भी भर्ती परीक्षा करा चुकी है।

फरवरी 2023 में उसने राज्य की छह बिजली कंपनियों में 453 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी। इसके अलावा ओडिशा में 20 हजार शिक्षकों की भर्ती और तेलंगाना समेत कई राज्यों में सरकारी परीक्षाएं कराने का अनुभव भी उसके पास है।

खाली पदों का गणित: 295 उपयंत्री और 62 सहायक यंत्री पदों पर भर्ती
भर्ती 'मध्य प्रदेश राज्य नगरीय यांत्रिकी सेवा नियम, 2015' और 'मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम नियम, 2000' के तहत होगी। निकायों में उपयंत्री के 295 पद रिक्त हैं, जिनमें 228 पद सिविल के हैं।

चयन प्रक्रिया क्या होगी?

Ed-CIL ऑनलाइन आवेदन से लेकर रिजल्ट तैयार करने तक की प्रक्रिया संभालेगी। चयन प्रक्रिया इस प्रकार होगी..

    ऑनलाइन परीक्षा (CBT): परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित होगी।
    उपयंत्री पद: लिखित परीक्षा के बाद मेरिट लिस्ट जारी होगी और उसी के आधार पर नियुक्ति होगी।
    सहायक यंत्री पद: लिखित परीक्षा के बाद मेरिट लिस्ट बनेगी। इसके आधार पर प्रत्येक पद के लिए तीन उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। नगरीय प्रशासन विभाग विशेष इंटरव्यू बोर्ड बनाएगा, जो उम्मीदवारों की डिग्री और डिप्लोमा का सत्यापन करेगा।

भर्ती की निगरानी के लिए दो कमेटियां

भर्ती प्रक्रिया की निगरानी के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने 18 अगस्त को दो कमेटियां गठित की हैं..

1. परीक्षा संचालन एवं समन्वय समिति: अपर आयुक्त मिशा सिंह की अध्यक्षता वाली समिति में उप संचालक भविष्य खोब्रागड़े, उप संचालक आनंद कुमार, सहायक यंत्री सुधीर गर्ग, सहायक यंत्री संजय तिवारी, लेखा अधिकारी सिद्धांत अवस्थी और उपयंत्री अनीता मोर शामिल हैं। समिति विज्ञापन को मंजूरी देने, परीक्षा केंद्र तय करने और एजेंसी के साथ समन्वय का काम करेगी।

2. तकनीकी समिति (IT विंग): सहायक संचालक अजय कुमार गोयल, आईटी एक्सपर्ट गजेंद्र रघुवंशी, आईटी एक्सपर्ट पलक श्रीवास्तव और लेखा अधिकारी सुनीता तिवारी इस समिति में हैं। यह टीम ऑनलाइन पेमेंट गेटवे, SMS अलर्ट और तकनीकी सुरक्षा की निगरानी करेगी।

कितने पद खाली हैं
कुल 692 पद स्वीकृत हैं जिनमें से 397 भरे जा चुके हैं। फिलहाल 295 पद खाली हैं। यह भर्ती उपयंत्री और सहायक यंत्री, दोनों पदों के लिए होगी।

उपयंत्री के कुल 295 पद खाली हैं। इनमें 228 पद सिविल, 50 पद विद्युत और 17 पद मैकेनिकल विभाग के हैं। इसके अलावा सहायक यंत्री के 62 पद भी सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। इनमें 51 पद सिविल, 7 पद इलेक्ट्रिकल और 4 पद मैकेनिकल के हैं।

यह भर्ती मध्य प्रदेश राज्य नगरीय यांत्रिकी सेवा नियम, 2015 और मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम नियम, 2000 के तहत होगी।

चयन प्रक्रिया कैसी होगी
Ed-CIL ऑनलाइन आवेदन से लेकर रिजल्ट तक की पूरी प्रक्रिया संभालेगी। परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित होगी।

उपयंत्री पद के लिए
लिखित परीक्षा के बाद सीधे मेरिट लिस्ट जारी होगी। इसी सूची के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।

सहायक यंत्री पद के लिए
लिखित परीक्षा के बाद मेरिट लिस्ट बनेगी। हर पद के लिए तीन उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। एक विशेष इंटरव्यू बोर्ड डिग्री और डिप्लोमा की जांच करेगा।

निगरानी के लिए दो कमेटियां
बता दें कि 18 अगस्त को भर्ती की निगरानी के लिए दो कमेटियां बनाई गई।

पहली कमेटी परीक्षा संचालन और समन्वय देखेगी। इसकी अध्यक्ष अपर आयुक्त मिशा सिंह हैं। इस समिति में उप संचालक भविष्य खोब्रागड़े, उप संचालक आनंद कुमार, सहायक यंत्री सुधीर गर्ग, सहायक यंत्री संजय तिवारी, लेखा अधिकारी सिद्धांत अवस्थी और उपयंत्री अनीता मोर शामिल हैं।

यह समिति विज्ञापन को मंजूरी देने, परीक्षा केंद्र तय करने और परीक्षा कराने वाली एजेंसी के साथ तालमेल का काम करेगी।

दूसरी तकनीकी कमेटी IT विंग की है। इस समिति में सहायक संचालक अजय कुमार गोयल, आईटी एक्सपर्ट गजेंद्र रघुवंशी, आईटी एक्सपर्ट पलक श्रीवास्तव और लेखा अधिकारी सुनीता तिवारी शामिल हैं। यह टीम ऑनलाइन पेमेंट, SMS अलर्ट और परीक्षा से जुड़ी तकनीकी सुरक्षा पर नजर रखेगी।

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