
विधि संस्थान में तीन नए आपराधिक कानून पर पैनल चर्चा का आयोजन
टीम एक्शन इंडिया
दलबीर मलिक
कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि संस्थान में सोमवार को कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में हाइब्रिड मोड में ह्लतीन नए आपराधिक कानूनह्ल विषय पर कार्यशाला सह पैनल चर्चा का आयोजन किया गया।अपने स्वागत भाषण में विधि संस्थान की निदेशक प्रोफेसर सुशीला चौहान ने तीन नए कानूनों की शुरूआत के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि नए कानून समय पर न्याय वितरण, पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण और लिंग तटस्थता पर ध्यान केंद्रित करते हुए आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार के उद्देश्य से परिवर्तनकारी संशोधन पेश करेंगे।
विधि संकाय के डीन और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर अमित लुदरी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में नए आपराधिक कानूनों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के संबंध में नए बदलावों की प्रशंसा की।कार्यशाला में जिला बार एसोसिएशन कुरुक्षेत्र के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट राजेंद्र जुनेजा, विधि संस्थान के उपनिदेशक डॉ. रमेश सिरोही, डॉ. शालू अग्रवाल और डॉ. पूनम शर्मा वक्ता के रूप में उपस्थित थे।
वक्ताओं ने तीन नए आपराधिक कानूनों, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता में हुए मूलभूत बदलावों के बारे में बताया। कार्यशाला के अंत में डॉ. रमेश सिरोही ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
स अवसर पर डॉ. अजीत चहल, डॉ. नीरज बातिश, डॉ. जय किशन भारद्वाज, डॉ. तृप्ति चौधरी, डॉ. मनजिंदर गुलियानी डॉ. अमित कुमार, डॉ. संतलाल, डॉ. कृष्ण, डॉ. सुमित, डॉ. मोनिका, ईशु, डॉ. जतिन, डॉ. जापान, डॉ. सुरेंदर, श्री बसंत, करमदीप सहित अनेक शोधार्थी और छात्र मौजूद थे।




