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‘आप में बगावत’: सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल का बड़ा दावा—पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने मुझे भी दिया था न्योता, मैंने किया इनकार

चंडीगढ़

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने रविवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने उन्हें भी अपने साथ आने का न्यौता दिया था लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया। सीचेवाल ने कहा कि राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने उन्हें फोन कर आजाद समूह में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। 

सीचेवाल ने सात सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने पर दुख जताते हुए इसे आम आदमी पार्टी के साथ बेवफाई करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इन नेताओं को राज्यसभा में भेजकर पंजाब के मुद्दे उठाने का मौका दिया लेकिन अब उन्होंने अचानक पार्टी छोड़ दी। 

राघव चड्ढा और संदीप पाठक के फैसले पर भी उन्होंने हैरानी जताई। कहा कि इन नेताओं ने पंजाब में सत्ता का पूरा आनंद लिया और अब पार्टी को अलविदा कह दिया।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने रविवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने उन्हें भी अपने साथ आने का न्योता दिया था लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया। सीचेवाल ने कहा कि राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने उन्हें फोन कर आजाद समूह में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था।
 
सीचेवाल ने सात सांसदों के एक साथ पार्टी छोड़ने पर दुख जताते हुए इसे आम आदमी पार्टी के साथ बेवफाई करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इन नेताओं को राज्यसभा में भेजकर पंजाब के मुद्दे उठाने का मौका दिया लेकिन अब उन्होंने अचानक पार्टी छोड़ दी। 

राघव चड्ढा और संदीप पाठक के फैसले पर भी उन्होंने हैरानी जताई। कहा कि इन नेताओं ने पंजाब में सत्ता का पूरा आनंद लिया और अब पार्टी को अलविदा कह दिया।
हमने पंजाब के साथ कोई गद्दारी नहीं की, दस गुना ज्यादा कम करेंगे : साहनी
आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी ने आप के आरोपों पर कहा कि हम गद्दार नहीं हैं। हम 10 गुना ज्यादा काम करेंगे। वर्ष 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव में सांसद राघव चड्ढा और संदीप पाठक का अहम रोल था लेकिन पिछले कुछ समय से उन्हें साइड लाइन कर दिया गया।

राघव चड्ढा और पाठक को साइडलाइन करने से बढ़ा असंतोष
सांसद साहनी ने एक टीवी चैनल पर इंटरव्यू के दौरान कहा कि आप के दिल्ली चुनाव हारने के बाद नई टीम ने मोर्चा संभाल लिया। चड्ढा को संसद में उपनेता के पद से हटाने के बाद रोष बढ़ गया। दोनों प्रमुख नेताओं को नजरअंदाज करना गलती थी। बाकी सांसदों में भी इसे लेकर असंतोष था। साहनी ने कहा कि वह इसे लेकर आप प्रमुख केजरीवाल से भी मिले थे। केजरीवाल ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए बोल दिया था।
 
साहनी ने कहा कि वे इस्तीफा देने लगे थे लेकिन अपने करीबियों के साथ विचार विमर्श के बाद ही इस्तीफा न देने का फैसला लिया और इस दौरान सहमति बनी कि भाजपा ही पंजाब का भला कर सकती है। इसके बाद ही पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा पंजाब को जो मिलना चाहिए था वो सही समन्वय के कारण मिल नहीं पा रहा है।
 
पिछले चार साल से चुनावी मोड ही चल रहा है और राज्य और केंद्र सरकार दोनों एक दूसरे को कोस रहे रहे हैं। युवा पीढ़ी खेती नहीं करना चाहती है तो ऐसे हालात में पंजाब का क्या हो सकता है, क्योंकि केंद्र सरकार पंजाब के लिए बहुत कुछ करना चाहती है।
 
साहनी ने कहा कि फ्रेट सब्सिडी देने के लिए केंद्र तैयार है लेकिन आंकड़ों के साथ प्रस्ताव तो देना ही होगा। चुनाव के बारे में अभी कुछ नहीं कहना चाहता हूं, क्योंकि पंजाब के लोग समझदार हैं और 2027 विधानसभा चुनाव में उचित फैसला लेंगे।

 

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