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IIT रुड़की के पूर्व छात्र पर गंभीर आरोप, आध्यात्मिक प्रवचन के नाम पर फंसा मामला

मथुरा

IIT रुड़की से पढ़ाई पूरी करने के बाद अभिषेक मिश्रा ने नौकरी नहीं, बल्कि प्रवचन का रास्ता चुना. कुछ ही वर्षों में वह ऑनलाइन माध्यम से युवाओं के बीच पहचान बनाने लगा. लेकिन मथुरा के गोवर्धन से हुई उसकी गिरफ्तारी के बाद वही पहचान जांच के घेरे में है. पुलिस का आरोप है कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर उसने युवतियों का विश्वास जीता और फिर उन्हें अपने प्रभाव में लिया. अब हर दिन सामने आ रहे नए तथ्य इस मामले को और गंभीर बनाते जा रहे हैं.

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किया गया अभिषेक मिश्रा मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है. उसने वर्ष 2017 से 2021 के बीच IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. बताया जा रहा है कि उसने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भगवद्गीता तथा आध्यात्मिक विषयों पर प्रवचन शुरू कर दिए. धीरे-धीरे उसकी पहचान एक ऐसे युवा प्रवचनकर्ता के रूप में बनने लगी जो आधुनिक शिक्षा और धार्मिक ज्ञान का मिश्रण पेश करता था. यहीं से उसकी पहुंच देश के अलग-अलग राज्यों तक बननी शुरू हुई.

पहला कदम ऑनलाइन प्रवचन
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का सबसे बड़ा हथियार उसका ऑनलाइन नेटवर्क था. वह इंटरनेट के माध्यम से युवाओं से जुड़ता था. धार्मिक चर्चा, आत्मिक शांति, जीवन के उद्देश्य और आध्यात्मिक उन्नति जैसे विषयों पर बातचीत कर वह लोगों का विश्वास जीतता था. जांच में यह भी सामने आया है कि उसके संपर्क में आने वाली कई युवतियां इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा से जुड़ी थीं. कुछ बीटेक और एमटेक कर चुकी थीं तो कुछ उच्च शिक्षित परिवारों से थीं. पुलिस का मानना है कि आरोपी विशेष रूप से ऐसे लोगों को निशाना बनाता था जो जीवन में किसी भावनात्मक, मानसिक या आध्यात्मिक उलझन से गुजर रहे हों. पहले विश्वास कायम किया जाता था और फिर धीरे-धीरे उन्हें परिवार से दूर रहने तथा समूह के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था.

गंधर्व विवाह का दावा और शारीरिक संबंधों के आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप एक पीड़िता के बयान के बाद सामने आए. पुलिस के अनुसार पीड़िता ने बताया कि अभिषेक मिश्रा कथित तौर पर यह कहकर युवतियों को भ्रमित करता था कि उनका गंधर्व विवाह हो चुका है. जांच अधिकारियों के मुताबिक, इसी आधार पर वह शारीरिक संबंध बनाता था. पीड़िता की शिकायत और दर्ज बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या ऐसी घटनाएं सिर्फ एक पीड़िता तक सीमित थीं या फिर अन्य युवतियां भी इसी तरह के दबाव और भ्रम का शिकार हुईं.

पहले भी उठे थे सवाल, लेकिन नहीं खुल पाया था पूरा राज
पूरे मामले का एक दिलचस्प और अहम पहलू यह भी है कि अभिषेक मिश्रा का नाम पहली बार विवादों में नहीं आया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार लगभग छह महीने पहले भी एक परिवार अपनी बेटी को वहां से वापस ले जाने पहुंचा था. उस दौरान काफी हंगामा हुआ था. हालांकि बाद में जांच में सामने आया कि युवती के साथ आए लोग उसके परिजन ही थे. उस समय मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया, लेकिन अब अधिकारियों का मानना है कि उसी दौरान कई संकेत मिल गए थे कि वहां कुछ असामान्य गतिविधियां चल रही हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक समय वहां करीब दो दर्जन युवक-युवतियां मौजूद थीं. हालांकि समय के साथ अधिकांश लोग वहां से अलग हो गए. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आखिर इतने लोग वहां क्यों पहुंचे और बाद में क्यों लौट गए.

परिवारों से दूरी, भावनात्मक दबाव और पैसों की जांच
मथुरा पुलिस अब सिर्फ दुष्कर्म के आरोपों तक सीमित नहीं है. जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार यह भी जानकारी मिली है कि समूह में रहने वाले कुछ लोगों से उनके परिवारों के जरिए पैसे मंगवाए जाते थे. आरोप है कि भावनात्मक दबाव बनाकर आर्थिक मदद लेने की कोशिश की जाती थी. इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि क्या किसी प्रकार का आर्थिक शोषण हुआ था और यदि हुआ तो उसकी प्रकृति क्या थी. पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है.

मोबाइल में मिले फोटो और वीडियो बने जांच का अहम हिस्सा
जांच के दौरान कुछ फोटो और वीडियो भी पुलिस के संज्ञान में आए हैं. अधिकारियों के मुताबिक परिजनों द्वारा उपलब्ध कराए गए कुछ चित्रों में आरोपी युवतियों के साथ आपत्तिजनक और अंतरंग स्थिति में दिखाई दे रहा है. हालांकि इन सामग्रियों की फोरेंसिक जांच और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है, लेकिन पुलिस इन्हें केस के महत्वपूर्ण साक्ष्यों में शामिल कर रही है. इसके अलावा जिन परिवारों के पास इस तरह की कोई अन्य सामग्री मौजूद है, उनसे भी संपर्क किया जा रहा है ताकि जांच को और मजबूत बनाया जा सके.

मां भी छोड़ गई थी साथ
 पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती दिनों में अभिषेक की मां भी उसके साथ रहती थीं. लेकिन बाद में वह वहां से चली गईं. अधिकारियों का कहना है कि यह भी जांच का विषय है कि आखिर किन परिस्थितियों में उन्होंने वहां से दूरी बनाई. पुलिस कार्रवाई के दौरान वहां से दो युवतियों और एक युवक को बरामद किया गया था. बाद में उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि सभी की काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि वे सामान्य जीवन में वापस लौट सकें. इस प्रक्रिया में विशेषज्ञों और संबंधित संस्थाओं की भी मदद ली जा रही है.  स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी ने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है. पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों ने बयान दिए हैं कि आरोपी अपने समूह से बाहर भी स्थानीय युवतियों और परिवारों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा था. यदि जांच में यह तथ्य पुष्ट होता है तो मामला और गंभीर हो सकता है. यही वजह है कि पुलिस आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है.

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