
हरियाणा में सड़कों पर सड़ांध, हवा में धुआं; 14 दिन से थमी सफाई व्यवस्था
हिसार/पानीपत.
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने के साथ अब इसका असर सिर्फ नगर निकायों के दफ्तरों या धरना स्थलों तक सीमित नहीं रहा है। राज्य के प्रमुख शहरों की सड़कें, बाजार, फुटपाथ और रिहायशी इलाके कूड़े के ढेरों में तब्दील हो चुके हैं।
कर्मचारियों द्वारा ठेकेदारों और टिपरों को रोकने के सख्त पहरे के चलते शहरों से कचरा उठान पूरी तरह ठप हो गया है। आलम यह है कि कई शहरों में हर 50 से 100 मीटर पर कचरे का पहाड़ खड़ा है। कई स्थानों पर कचरे में आग लगाए जाने से उठते जहरीले धुएं और वर्षा के बाद नालियों-सीवरेज के चोक होने से महामारी फैलने का अंदेशा बढ़ गया है। नेताओं के दफ्तरों पर कूड़ा पलटा, बैरिकेडिंग तक की नौबत आक्रोशित कर्मचारी अब जनप्रतिनिधियों के दरवाजों तक अपना विरोध ले जा रहे हैं।
प्रशासन को सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेड्स लगाने पड़े
फतेहाबाद में गुस्साए कर्मचारियों ने भाजपा और कांग्रेस नेताओं के दफ्तरों के बाहर कूड़े की ट्राली पलट दी। पानीपत में शहरी विधायक, शिक्षा मंत्री और राज्यसभा सांसद के पुतले फूंकने व विधायक कार्यालय के बाहर कूड़ा फेंकने के बाद बुधवार को प्रशासन को सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेड्स लगाने पड़े। उधर, हिसार में कर्मचारियों ने थाली बजाकर प्रदर्शन किया, तो यमुनानगर में विधायक आवास तक हैंडबिल बांटते हुए जुलूस निकालने की तैयारी है। जलभराव, प्रदूषण और सीवरेज ठप होने की दोहरी मार फतेहाबाद में हाल ही में करीब 10 लाख की लागत से साफ कराई गई सीवरेज व्यवस्था वर्षा के कारण सड़कों का कचरा बहकर आने से फिर जाम हो गई है।
वायु प्रदूषण दोनों गंभीर रूप ले रहे
कुरुक्षेत्र और भिवानी जैसे शहरों में हटाए जा चुके पुराने डंपिंग प्वाइंट तो सक्रिय हुए ही हैं, 150 से ज्यादा नए अस्थायी डंपिंग प्वाइंट भी बन गए हैं। हांसी और जींद में लोग कचरे के ढेरों में आग लगा रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और वायु प्रदूषण दोनों गंभीर रूप ले रहे हैं। रोहतक में सालिड वेस्ट प्लांट की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि ठेकेदार कचरा न डाल सकें। हालांकि, झज्जर और सिरसा में डोर-टू-डोर टिपरों व स्थानीय स्तर पर पार्षदों की पहल से रिहायशी इलाकों में आंशिक राहत देखी है।
जिलावार स्थिति
रोहतक : 14वें दिन भी हड़ताल जारी। सालिड वेस्ट प्लांट पर केवल 96 मीट्रिक टन कचरा पहुंचा। कर्मचारियों की सख्त निगरानी से बुधवार को आवक घट कर 50-60 टन रहने का अनुमान।
हिसार : 667 कर्मचारी हड़ताल पर। 13 दिनों में करीब 2,900 मीट्रिक टन कचरा जमा। थाली बजाकर प्रदर्शन किया गया।
भिवानी : करीब 2,000 टन कचरा सड़कों पर। पिछले साल खत्म किए गए 30 डंप प्वाइंट्स के अलावा 50 नए डंप प्वाइंट बन चुके हैं।
फतेहाबाद : जिले के 5 शहरों में 1,540 टन कचरा जमा। 10 लाख रुपये से साफ हुई सीवरेज व्यवस्था बारिश के कचरे से फिर ठप। नेताओं के दफ्तरों के बाहर कूड़ा पलटा।
यमुनानगर : 22 वार्डों में 150 से ज्यादा नए डंपिंग प्वाइंट बने। विधायक आवास पर प्रदर्शन टला, हैंडबिल बांटने की रणनीति।
कुरुक्षेत्र : 150 से अधिक कचरा प्वाइंट बने; सड़कों पर 400 टन से अधिक कचरा। टिपर बंद होने से नालियां ओवरफ्लो और बीमारियां फैलने का डर।
जींद : हड़ताल 21 अगस्त तक बढ़ी। रोजाना 120 टन कचरे के मुकाबले सिर्फ 40 टन उठान। 400 टन से अधिक कचरा जमा, लोग लगा रहे आग।
करनाल : हर 100 मीटर पर कूड़े के ढेर। पॉश इलाकों से लेकर मुख्य बाजारों और पार्किंग स्थलों तक कचरा फैला।
चरखी दादरी : 235 कर्मचारी हड़ताल पर। 14 दिनों से 490 टन कचरा निस्तारण के इंतजार में अटका। हांसी : 146 कर्मचारी हड़ताल पर; शहर में 300 टन कचरा जमा। तिकोना पार्क के पास कचरे में आग से धुआं फैला।
पानीपत : विधायक कार्यालय पर बैरिकेड्स लगाए गए। हालांकि, 10 अस्थायी सेकेंडरी प्वाइंट्स में से अधिकांश से कूड़ा उठान शुरू होने से आंशिक राहत।
झज्जर : मुख्य डंपिंग प्वाइंट्स पर स्थिति खराब, लेकिन डोर-टू-डोर टिपर चलने से रिहायशी इलाकों में आंशिक राहत।
सिरसा : सफाई व्यवस्था प्रभावित। वार्ड नंबर 10 में पार्षद ने जेसीबी लगवाकर कंगनपुर रोड से कचरा उठवाया। धरने को जजपा का समर्थन।



