
जींद में पंचायत के दौरान खूनी संघर्ष, दो पक्षों में पथराव; महिला और युवक पर चढ़ाई गाड़ी
सफीदों/जींद.
गांव बहादुरपुर में बुधवार दोपहर को फिर से दो समुदायों के बीच पत्थरबाजी हुई। मामला तब बढ़ गया, जब दोनों समुदाय के बीच गांव की चौपाल में समझौते को लेकर पंचायत हुई थी। पंचायत में पुलिस नहीं थी। तनाव बढ़ने पर दोनों समुदाय आमने-सामने हो गए और गाली-गलौज करते हुए घरों से लाठी-डंडों से लेकर पत्थरबाजी करने लगे।
गांव के एक व्यक्ति ने 27 वर्षीय युवक आशीष व 36 वर्षीय महिला कमलेश के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी। सूचना मिलने पर सदर थाना प्रभारी राजेश कुमार व शहर थाना प्रभारी सतीश कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे और दोनों समुदायों के लोगों को समझाकर घरों में भेजा। मामला करीब दो घंटे बाद शांत हुआ और एसपी कुलदीप सिंह ने गांव में फिर से पुलिस बल की स्थायी ड्यूटी लगा दी। युवाओं के साथ महिलाएं भी झगड़े में लाठी-डंडे उठाकर पथराव में शामिल हो रही हैं।
17 अगस्त को हुआ था तीन युवकों पर हमला
17 अगस्त की रात को अनिकेत पर गांव लौटते समय रेलवे स्टेशन के पास गांव के ही तीन युवकों ने हमला कर दिया था। उसके अनुसार आरोपितों ने लाठी-डंडों और तेजधार हथियार से उस पर हमला किया। इसमें वह घायल हो गया। अनिकेत को सफीदों के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी रात एक परचून की दुकान पर 10-15 युवकों ने पथराव कर दिया था। इसमें दुकान के शीशे टूट गए और दुकान पर आए पूर्व सरपंच संदीप की बाइक क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस मामले में नेत्रपाल नामक युवक को भी चोट आई है। 18 अगस्त की सुबह दोनों समुदायों के बीच पत्थरबाजी हो गई। घटना के बाद जिला प्रशासन ने पुलिस बल नियुक्त किया था, लेकिन बाद में पुलिस हटने के बाद बुधवार को फिर से पत्थरबाजी हो गई।
डाक कांवड़ लाते समय हुआ था झगड़ा
गांव बहादुरपुर के दो समुदायों के युवक डाक कांवड़ लेकर आ रहे थे। मुजफ्फरनगर में उनके बीच झगड़ा हो गया था। उसी झगड़े के चलते दोनों समुदाय आमने-सामने हैं। सदर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने कहा कि वह पंचायत में मौके पर थे। पंचायत शुरू होते ही एक युवक ने झगड़ा शुरू कर दिया था। इसके बाद पुलिस बुलाकर दोनों पक्षों को समझाया गया। फिलहाल एक पुलिस की बस गांव में स्थायी रूप से लगा दी गई है। इसका इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सत्यवान को बनाया गया है। जो घायल हुए हैं, जल्दी ही उनके बयान दर्ज करके आगामी कार्रवाई की जाएगी।




