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वनवासियों का हित और सुरक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर

वन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज वनोपज राजकीय व्यापार अंतर्विभागीय समिति (आईडीसी) की 322वीं बैठक आयोजित हुई। यह बैठक नया रायपुर स्थित मंत्री  कश्यप के निवास/कार्यालय में आयोजित थी। बैठक में वर्ष 2026 में संग्रहित एवं गोदामीकृत तेंदूपत्तों के विक्रय के लिए द्वितीय चरण की कार्यवाही तथा वर्ष 2025 सीजन के क्रेता करारनामा समाप्त तेंदूपत्ता लॉट के विक्रय के लिए प्राप्त निविदाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, वन बल प्रमुख  अरूण कुमार पाण्डेय, एमडी वनोपज संघ  संजीता गुप्ता, प्रभारी अपर प्रधान वन संरक्षक  एस. जगदीसन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी  ओ.पी. यादव, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक  माथेश्वरन व्ही. कार्यकारी निदेशक वन  एस.वेंकटचलम् सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। 

बैठक में तेंदूपत्ता व्यापार, क्रेताओं की नियुक्ति, वनोपजों की बिक्री और वन्यजीवों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री  कश्यप ने वनवासियों के आर्थिक हितों के साथ उनकी सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

वनवासियों का हित और सुरक्षा सर्वाेपरि

वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वनवासियों के आर्थिक सशक्तीकरण और उनकी सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। तेंदूपत्ता व्यापार में पारदर्शिता और समयबद्ध निर्णयों से संग्राहकों को लाभ मिलेगा। वहीं, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

तेंदूपत्ता के 40 लॉट के लिए 15 खरीदार नियुक्त

बैठक में वर्ष 2026 सीजन में संग्रहित और भंडारित तेंदूपत्ता लॉटों के विक्रय की समीक्षा की गई। 4 अगस्त 2026 को हुई द्वितीय चक्र की ऑनलाइन ई-निविदा के आधार पर 40 लॉट के लिए 15 खरीदारों को नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं।

इसी तरह वर्ष 2025 सीजन के अनुबंध समाप्त तेंदूपत्ता लॉटों के लिए द्वितीय चक्र की ई-निविदा के माध्यम से 6 लॉट के लिए 3 खरीदारों को नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। इस प्रक्रिया से तेंदूपत्ता व्यापार में पारदर्शिता और समयबद्धता को बढ़ावा मिलेगा।

पिछली बैठक के निर्णयों की हुई समीक्षा

बैठक में समिति की 321वीं बैठक में लघु वनोपज संघ से संबंधित लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी लेने के साथ प्रगति की सराहना की गई।

कांकेर में भालू के हमलों को रोकने बनेगी विशेष कार्ययोजना

बैठक में कांकेर जिले और आसपास के वन क्षेत्रों में भालुओं की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों की सुरक्षा का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। मानव-वन्यजीव संघर्ष और जनहानि को रोकने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

भालुओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में वन विभाग को लगातार निगरानी रखने और ग्रामीणों को समय पर सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, ग्रामीणों और वनवासियों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया, ताकि लोग वन्यजीवों की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें और किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

तेंदूपत्ता से आर्थिक मजबूती, सुरक्षा से बढ़ेगा भरोसा

राज्य सरकार की प्राथमिकता वनवासियों को उनकी मेहनत का उचित लाभ दिलाने के साथ ही वन क्षेत्रों में सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। तेंदूपत्ता सहित लघु वनोपज के व्यापार में पारदर्शी व्यवस्था से संग्राहकों के आर्थिक हित मजबूत होंगे, वहीं मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयास ग्रामीणों के जीवन में सुरक्षा और भरोसा बढ़ाएंगे।

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