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सीएम साय के मंत्रियों को मिले विभाग, डिप्टी सीएम विजय शर्मा बने गृहमंत्री, साव को मिला पीडब्लूडी

रायपुर.

छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल के विभागों का बंटवारा हो गया है। मुख्यमंत्री साय ने बंद लिफाफे में शुक्रवार को मंत्रियों के विभागों की लिस्ट राजभवन को भेजी थी। इसके बाद राज्यपाल ने लिस्ट में हस्ताक्षर कर सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया है। इसके बाद विभागों का बंटवारा हो गया ।
 

जानें, किसे, कौन सा मिला विभाग- —————
विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री

सामान्य प्रशासन, खनिज साधन, ऊर्जा, जनसंपर्क, वाणिज्यिक कर (आबकारी) परिवहन विभाग, अन्य विभाग जो किसी मंत्री को आवंटित न किए गए हो।
प्रोफाइल: विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हैं। जशपुर जिले के गांव बगिया से अपने राजनीतिर सफर को शुरू करने वाले विष्णुदेव ने साल 2020 से 2022 तक छत्तीसगढ़ के लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले मंत्रिमंडल में केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री थे। वे कुनकुरी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। 21 फरवरी 1964 को विष्णुदेव साय का जन्म जशपुर जिले के बगिया गांव में हुआ था। वह एक किसान परिवार से हैं। उन्होंने अपनी उच्चतर माध्यमिक शिक्षा जशपुर के कुनकुरी स्थित लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से पूरी की है। उन्होंने 1991 में कौशल्या देवी से शादी की।

अरुण साव, उपमुख्यमंत्री
लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विधि और विधायी  कार्य, नगरीय प्रशासन विभाग

प्रोफाइल: अरुण साव  साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट से बिलासपुर से सांसद बने थे। साव मुंगेली के रहने वाले हैं। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा आलाकमान ने 2014 में 1.76 लाख वोटों से सांसद बने लखनलाल साहू का टिकट काटकर उन्हें बिलासपुर से उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बनाया। उनके अध्यक्षीय काल में भाजपा ने बाजी मारी और राज्य की सत्ता पर चौथी बार काबिज हुई।

विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री
गृह एवं जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग

प्रोफाइल:  विजय शर्मा कवर्धा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के महासचिव, भारतीय जनता युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं। उनका जन्म साल 1973 में हुआ था। साल 1996 में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से भौतिकी सम्मान में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की और वर्ष 2001 में मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय भोपाल से मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन की डिग्री पूरी की।

बृजमोहन अग्रवाल
स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संसदीय कार्य, धार्मिक न्याय एवं धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग
प्रोफाइल: रायपुर दक्षिण से विधायक बृजमोहन अग्रवाल आठवीं बार विधायक निर्वाचित हुए हैं। वह अविभाजित मध्यप्रदेश में पटवा सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। इसके बाद रमन सरकार के तीनों कार्यकाल में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी महंत रामसुंदर दास को 67,919 वोटों से हराया। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल का जन्म एक मई 1959 को रायपुर में हुआ। कॉमर्स और आर्ट्स दोनों विषय से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले बृजमोहन अग्रवाल ने एलएलबी की डिग्री भी हासिल की है।

राम विचार नेताम
आदिम-अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास विभाग
प्रोफाइल: लगातार छठवीं बार विधायक निर्वाचित हुए भाजपा के कद्दावर नेता रामविचार नेताम बलरामपुर के ग्राम सनावल के रहने वाले हैं। वो राज्यसभा के सदस्य और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे हैं। भाजपा ने उन्हें रामानुजगंज विधानसभा सीट से मैदान में उतारा था। उन्होंने कांग्रेस के डा. अजय तिर्की को हराया। नेताम साल 1990 से लगातार छठवीं बार विधायक चुने गए हैं।

दयाल दास बघेल
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण

प्रोफाइल:  नवागढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी गुरु रुद्र कुमार को हराकर दयालदास बघेल एक बार फिर विधानसभा में पहुंचे हैं। सरपंच के पद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले दयालदास बघेल ने विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली। बघेल ग्राम पंचायत कुरा के सरपंच भी रहे हैं। साल 2003 में नवागढ़ विधानसभा सीट से बघेल पहली बार विधायक चुने गए थे। साल 2008 और 2013 में भी वह विधायक बने। रमन सिंह सरकार में बघेल वाणिज्य, उद्योग, सहकारिता संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं।

केदार कश्यप
वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता विभाग  

प्रोफाइल: नारायणपुर विधानसभा सीट से चुने गए विधायक केदार कश्यप ने छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय हैं। वह कद्दावर आदिवासी नेता और पूर्व सांसद स्व. बलीराम कश्यप के बेटे हैं। उनका जन्म पांच नवंबर 1974 को हुआ। बस्तर जिले के भानपुरी के गांव फरसागुड़ा के रहने वाले केदार कश्यप भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। केदार कश्यप 2003 में पहली बार विधायक चुने गए। 2008 में दूसरी और 2013 में तीसरी बार विधायक बने।

लखनलाल देवांगन
वाणिज्य और उद्योग एवं श्रम विभाग

प्रोफाइल: कोरबा जिले की कोरबा विधानसभा सीट से लखन लाल देवांगन विधायक निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस के तीन बार के विधायक और दिग्गज मंत्री जयसिंह अग्रवाल को 26,790 वोटों से मात दी थी। लखनलाल देवांगन दो बार भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं। कटघोरा विधानसभा सीट से विधायक और कोरबा निगम के महापौर भी रह चुके हैं। लखन लाल का जन्म 12 अप्रैल 1962 को कोरबा में हुआ। लखन ने बीए प्रथम वर्ष तक की शिक्षा हासल की।

श्याम बिहारी जायसवाल
लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन

प्रोफाइल: सरगुजा संभाग के मनेन्द्रगढ़ विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए विधायक श्याम बिहारी जायसवाल पहले में जिला पंचायत खड़गवां के अध्यक्ष भी रहे हैं। श्याम बिहारी जायसवाल भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। साल 2013 के चुनाव में वह पहली बार विधायक चुने गए थे। 2018 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि हार का अंतर कम था।

ओपी चौधरी
वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी

प्रोफाइल: रायगढ़ से भाजपा विधायक और पूर्व आईएएस ओपी चौधरी प्रशासनिक कौशल में माहिर हैं चौधरी पहली बार ही विधायक निर्वाचित हुए हैं। साल 2018 में आईएएस अधिकारी के पद से इस्तीफा देकर उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली थी।

लक्ष्मी राजवाड़े
महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण विभाग

प्रोफाइल: विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल के गठन में आठवें नंबर पर विधायक लक्ष्मी राजवाड़े पहली बार विधायक चुनी गई हैं। विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल में सबसे कम उम्र की कैबिनेट मंत्री हैं। भटगांव विधानसभा सीट से महिला मोर्चा से अपनी राजनीति की शुरुआत करने वाली लक्ष्मी राजवाड़े ने कांग्रेस से दो बार के विधायक रहे पारस नाथ राजवाड़े को करीब 44 हजार मतों से हराया था।

टंकराम वर्मा
खेलकूद एवं युवा कल्याण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग

प्रोफाइल: विधायक टंकराम वर्मा बलौदाबाजार सीट से पहली बार चुनाव जीतकर आए हैं। मंत्री बनने वाले टंकराम वर्मा ने शिक्षक की नौकरी छोड़ राजनीति में एंट्री की थी। टंकराम वर्मा ने एलएलबी की हुई है। वे सबसे पहले तिल्दा से जिला पंचायत सदस्य चुने गए थे, इसके बाद रायपुर जिला पंचायत में उपाध्यक्ष भी रहे। वर्मा पिछले 30 वर्षों से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय हैं।

पहले ये आदेश की कॉपी हुई थी वायरल —-
मंत्रियों के विभागों के बंटवारे को लेकर सबसे पहले उपरोक्त आदेश की कॉपी वायरल हुई थी। इसके बाद लोग मंत्रियों को बधाई और शुभकामनाएं देने लगे थे। इसे लेकर मंत्री भी अनभिज्ञ थे। बाद में सरकारी आदेश जारी होने पर उन्हें ज्ञात हुआ। सीएम साय ने सभी मंत्रियों को उनके विभाग मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

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