हिमाचल प्रदेश

कल्याण कला मंच बिलासपुर की मासिक संगोष्ठी होम स्टे में संपन्न हुई

कश्मीर ठाकुर
बिलासपुर: कल्याण कला मंच बिलासपुर की मासिक संगोष्ठी बामटा के गांव बध्यात के साकेत होम स्टे में संपन्न हुई। संगोष्ठी की अध्यक्ष्ता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जीत राम सुमन ने की जबकि बीना वर्धन और रविंद्र कुमार शर्मा विशिष्ट अतिथि के रुप में शामिल हुए। मंच संचालन राकेश मिन्हास ने किया।

सर्वप्रथम कैप्टन बीरी सिंह चंदेल ने सुनाया। जिन्दे लकडी मरदे लकड़ी, देख तमाशा लकड़ी दा, इसके बाद अमरनाथ धीमान ने जाहण सूरज चमकणा चिलकदीये धुप्पे, तौंदीया देख्या केहर मचाणी, सुशील कुमार परिंदा ने जंगल जंगल आग लगी है, मैं तो परिंदा हूं जल गया, आशा कुमारी ने सारे अपनी दुनिया में मस्त हैं, उधर पापा खांसते रह जाते हैं, रविंद्र कमल चंदेल ने पन्यांदां बाईं री ख्वाजे री करां थे पूजा, दलिया बन्डदे थे सारे, गायित्री देवी ने सुन्दर भजन-मेरा श्याम बिन्दरा बणा ते नठी गया, दस्स माई से हुण किती गया। सुरेन्द्र मिन्हास ने सुनाया शिखर ध्याडे असें कजो खेतां गये थे, कजो नी असें पक्खे थल्ले सये थे,

कुमारी पूजा ने सुंदर गीत सुनाया उच्चेआं पहाडां रा देखी लेणा असां नजारा, अजय सौरभ नें सुनाया हम देश का भाग्य हैं हम हैं देश के कर्णधार आज रहे पुकार, तब मंच संचालक राकेश मिन्हास ने ऐरे गैरे नत्थू खेरे पढने लगे हैं सभी, तुम्हें अखबार होना चाहिये।

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