राजनीतिक

दिग्विजय सिंह के बयान पर सियासी बवाल, BJP ने कांग्रेस को बताया ‘एंटी-हिंदू’

भोपाल
 मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर वैचारिक और धार्मिक ध्रुवीकरण की तीखी जंग छिड़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर दिए गए एक बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा ने दिग्विजय सिंह और कांग्रेस पार्टी को सीधे तौर पर हिंदू विरोधी करार देते हुए आरोप लगाया है कि जवाहरलाल नेहरू के जमाने से लेकर आज तक कांग्रेस नेताओं ने हमेशा हिंदुओं को एक आंख नहीं भाया और उन्हें हमेशा दुश्मनों की तरह देखा है।

दिग्विजय सिंह के किस बयान पर मचा बवाल?
दरअसल, कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने नेहरू के विचारों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि देश में इस समय बहुसंख्यक सांप्रदायिकता का खतरनाक उभार देखा जा रहा है। नेहरू ने सांप्रदायिकता को एक ऐसा जहरीला तत्व बताया था जो देश के भीतर नफरत फैलाता है। दिग्विजय सिंह ने आगे जोड़ा कि नेहरू के मुताबिक, अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता की तुलना में बहुसंख्यक सांप्रदायिकता देश के लिए कहीं अधिक खतरनाक होती है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति और अर्थव्यवस्था की दिशा पर भी तीखे सवाल उठाए।

भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस हमेशा बहुसंख्यक समाज को निशाना बनाती है। कांग्रेस पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता का बचाव किया है। कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि दिग्विजय सिंह ने केवल वही बात दोहराई है, जो देश की वास्तविक चिंता है।

उन्होंने भाजपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आते ही वोट बैंक के लिए समाज में सांप्रदायिकता का जहर घोलती है।

कुछ दिन पहले इंदौर में भाजपा नेत्री उषा ठाकुर के सामने खुद को दिग्विजय ने घोर सनातनी बताया था। इस पर भाजपा नेता रजनीश अग्रवाल कहते हैं कि दिग्विजय का सनातनी रूप केवल चुनाव और राजनीतिक लाभ के लिए एक ढोंग है। वह वोट बैंक की राजनीति के तहत बहुसंख्यक समाज (हिंदुओं) को निशाना बनाते हैं।

बीजेपी का तीखा पलटवार: दागे कई सवाल
दिग्विजय सिंह के इस बयान पर भोपाल से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टीकरण और अल्पसंख्यक राजनीति के नाम पर अलगाववाद व कट्टरपंथ फैलाने का आरोप लगाया। शर्मा ने इतिहास का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या 1947 में भारत के विभाजन के लिए हिंदू जिम्मेदार थे? क्या मोहम्मद अली जिन्ना हिंदू थे? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तब भी विभाजनकारी ताकतों के साथ खड़ी थी और आज भी देश को बांटने वाले तत्वों को संरक्षण दे रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button